जैसे-जैसे सर्दी का असर बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे धुंध भी लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। खासकर रात और तड़के सुबह के समय सड़कों पर विजिबिलिटी बेहद कम हो जाती है, जिसके चलते लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। इस स्थिति को लेकर एंटी करप्शन एंड क्राइम ऑर्गनाइजेशन (रजि.) की प्रमुख मंजू अरोड़ा ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मंजू अरोड़ा ने कहा कि धुंध के दौरान लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने वाहन चालकों को सलाह दी कि वे धीमी गति से वाहन चलाएं, फॉग लाइट और इंडिकेटर का सही इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
अक्सर लोग धुंध को हल्के में ले लेते हैं, लेकिन यही छोटी सी गलती बड़े हादसे का कारण बन जाती है। सड़क पर निकलते समय संयम और सतर्कता बेहद जरूरी है। मंजू अरोड़ा ने आगे कहा, “हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह न सिर्फ अपनी, बल्कि दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे। ट्रैफिक नियमों का पालन करके ही हम इस मौसम में होने वाले हादसों को रोक सकते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से भी अपील करते हुए कहा, “धुंध प्रभावित इलाकों में चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता सुरक्षित रह सके।
इसी के साथ मंजू अरोड़ा ने धुंध के मौसम में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व घनी धुंध का फायदा उठाकर रास्तों में लूटपाट और छीना-झपटी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं, जिससे आम लोगों में डर का माहौल बनता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सुनसान इलाकों से गुजरते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें, अनजान व्यक्तियों को लिफ्ट न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि अनावश्यक यात्रा से बचें और बेहद जरूरी होने पर ही पूरी सावधानी के साथ घर से बाहर निकलें, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
