जालंधर के थाना पतारा की पुलिस ने 6 वर्षीय बेटे रूपेश मुखिया को जहर देकर मौत के घाट उतारने के आरोप में उसके पिता 35 वर्षीय गजेंद्र मुखिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बेटे को कीटनाशक यह सोचकर पिलाया था कि वह केवल बेहोश होगा, ताकि वह रिश्तेदारी में दामाद लगते एक युवक को इस मामले में फंसा सके। पुलिस के अनुसार उक्त युवक ने कुछ समय पहले गजेंद्र पर पायल चोरी का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी बदला लेना चाहता था और साजिश के तहत अपने ही बेटे को जहर दे दिया।
मृतक बच्चे की मां 32 वर्षीय ममता ने बताया कि वे मूल रूप से बिहार के मधेपुरा के रहने वाले हैं और वर्तमान में गांव हजारा में रह रहे थे। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें छह साल का रूपेश मंझला बेटा था। उसने बताया कि 6 फरवरी की देर शाम वह रसोई में खाना बना रही थी। तभी रूपेश के हाथ में दो बिस्कुट थे, जिनमें से एक वह खा रहा था। उसने मां से कहा, मां पापा ने हमें दवा पिला दी।” इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती, बच्चे को उल्टियां शुरू हो गईं। बिस्कुट पर कोई चिपचिपा पदार्थ लगा हुआ था। घबराई मां तुरंत पास ही रहने वाले अपने पिता भुल्लर मुखिया के पास पहुंची और वहां से बेटे को सिविल अस्पताल ले जाया गया। उस समय तक बच्चा बेहोश हो चुका था। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अमृतसर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद प्रारंभिक जांच के दौरान परिवार की ओर से पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। सोमवार को गांव के सरपंच रजिंदर सिंह के साथ ममता थाना पतारा पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने गजेंद्र मुखिया के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। एसएचओ राम किशन ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक जांच में आरोपी ने अपनी सास को फंसाने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने सबूत सामने रखे तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
दुकान से भिंडी की फसल पर छिड़काव करने का कहकर लाया खुद जहर, सास को फंसाने की कोशिश
आरोपी को जब पता चला कि उसके खिलाफ शिकायत उसकी ही पत्नी ममता देवी ने दी है तो कबूलनामे में कहा कि उस पर पायल चोरी का आरोप लगा था। पायल मिल गई थी, लेकिन रिश्तेदार दामाद ने उनकी पुलिस में शिकायत कर खूब बदनामी की थी। सास ने उसे कहा था कि वे बेटे को थोड़ा-सा जहर देकर बेहोश कर देते हैं और फिर रिश्तेदार पर आरोप लगा देंगे कि उसने बच्चे को जहर दिया है। पुलिस ने गहराई से पूछताछ की तो उसने फिर नई कहानी सुनाई कि दवा खरीदने से लेकर बेटे को देने तक सब कुछ सास के साथ के साथ मिलकर किया है। पुलिस मामला क्लियर करने के लिए कीटनाशक बेचने वाले दुकानदार के पास गई तो उसे कहा कि आरोपी अकेला उनसे दवा खरीद कर ले गया था। उसने यह कहकर कीटनाशक खरीदा था कि भिंडी की फसल पर छिड़काव करना है।
