ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ता दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल संकट की आशंका के बीच भारत में भी एलपीजी की कमी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कुछ जगहों पर दुकानदार और उपभोक्ता मीडिया के सामने अपनी परेशानी भी जाहिर कर रहे हैं, जिससे हालात को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है।
सूत्रों के अनुसार एलपीजी सिलेंडरों की सीमित सप्लाई के कारण कई रेस्तरां, क्लाउड किचन, ढाबों और खानपान से जुड़े व्यवसायों को अपने काम के घंटे कम करने पड़े हैं। कुछ स्थानों पर तो अस्थायी रूप से खाना बनाना भी बंद करना पड़ा है। इससे छोटे कारोबारियों और दैनिक आय पर निर्भर लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में एलपीजी की खपत लगातार तेजी से बढ़ी है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों ने गैस कनेक्शन लिया है, जिससे मांग पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी तरह की आपूर्ति बाधित होने की खबरें लोगों में चिंता पैदा कर रही हैं।
इस पूरे मुद्दे पर एंटी करप्शन एंटी क्राइम ऑर्गेनाइजेशन (रजि.) की प्रमुख मंजू अरोड़ा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
मंजू अरोड़ा ने कहा,
“देश में एलपीजी को लेकर अफवाहों का माहौल बनाना ठीक नहीं है। लोगों को संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए। सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर कहीं गैस की सप्लाई में दिक्कत आती है तो संबंधित विभागों को तुरंत जानकारी दी जानी चाहिए ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। साथ ही उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि आम जनता और छोटे कारोबारियों को परेशानी से बचाने के लिए सप्लाई व्यवस्था मजबूत की जाए।
मंजू अरोड़ा ने जनता से अपील करते हुए कहा,
“मैं सभी लोगों से अपील करती हूं कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और गैस सिलेंडर को लेकर पैनिक में खरीदारी न करें। जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर लें ताकि सभी तक गैस की उपलब्धता बनी रहे।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो उनकी संस्था ऐसे मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर कार्रवाई सुनिश्चित करवाने का काम करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात पर नजर रखते हुए सरकार और तेल कंपनियां आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग संयम रखें और किसी भी तरह की अफवाह से बचें।
