जालंधर: एंटी करप्शन एंटी क्राइम ऑर्गेनाइजेशन (रजि.) की प्रमुख मंजू अरोड़ा ने पंजाब सरकार से अपील करते हुए कहा है कि प्रदेश की सड़कों पर बिना ढकी ट्रॉलियों में मिट्टी, रेत, ईंट, बजरी और सीमेंट ढोने के बढ़ते चलन पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।
मंजू अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के विभिन्न शहरों और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तथा अन्य वाहन खुले रूप में निर्माण सामग्री लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। तेज रफ्तार और हवा के कारण इनमें से उड़ने वाली मिट्टी, रेत और सीमेंट सड़क पर चल रहे पैदल यात्रियों, बाइक सवारों और अन्य वाहन चालकों की आंखों में चली जाती है, जिससे कई बार वाहन चालक अपना संतुलन खो बैठते हैं और हादसे होने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि गर्मी और तेज हवाओं के इस मौसम में समस्या और भी गंभीर हो जाती है। धूल और मिट्टी के कण लोगों को आंखों में जलन, एलर्जी और सांस संबंधी परेशानियों का शिकार बना रहे हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालकों की आंखों में अचानक मिट्टी या रेत पड़ने से वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। मंजू अरोड़ा ने पंजाब सरकार, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की कि निर्माण सामग्री लेकर चलने वाली सभी ट्रॉलियों और वाहनों को पूरी तरह से तिरपाल या अन्य सुरक्षित कवर से ढकना अनिवार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो भी वाहन मालिक या चालक इस नियम की अवहेलना करता पाया जाए, उसके खिलाफ तुरंत चालान काटा जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच करनी चाहिए ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
मंजू अरोड़ा ने आगे कहा कि इन दिनों पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप ने आम जनजीवन को पहले ही प्रभावित कर रखा है। ऐसे में धूल और मिट्टी से होने वाली अतिरिक्त परेशानी लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सड़क सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाले हादसों को रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
