एंटी करप्शन एंटी क्राइम ऑर्गेनाइजेशन (रजि.) की प्रमुख मंजू अरोड़ा ने श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुई कथित हैवानियत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक बच्ची पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देने वाली घटना है। इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी दरिंदगी करने की हिम्मत न जुटा सके।
उन्होंने कहा कि जिस ई-रिक्शा चालक ने एक मासूम बच्ची के भरोसे का कथित तौर पर सौदा किया, उसने पूरे ई-रिक्शा चालक समुदाय की छवि को धक्का पहुंचाया है। लोगों का भरोसा ऐसे लोगों की वजह से टूटता है। ऐसे आरोपियों के खिलाफ कानून की सबसे कठोर धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए।
मंजू अरोड़ा ने कहा कि जिन होटलों में इस तरह के अपराध होने के आरोप सामने आए, उन पर सरकार द्वारा की गई ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) कार्रवाई का वह स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ठिकानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई समाज में एक सख्त संदेश देती है कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने मांग की कि यदि जांच में अन्य होटल, संस्थान या व्यक्ति भी इस मामले में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि होटल मालिक, मैनेजर या अन्य कर्मचारी इस घिनौने अपराध में शामिल पाए जाते हैं या उन्होंने जानबूझकर सहयोग किया है, तो उन्हें भी मुख्य आरोपियों के समान कठोर सजा मिलनी चाहिए। कानून की नजर में ऐसे लोगों के लिए कोई नरमी नहीं होनी चाहिए।
मंजू अरोड़ा ने राज्य सरकार से मांग की कि इस मामले की तेजी से, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित बच्ची की सुरक्षा, उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाए।
उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि अपराधियों को मिलने वाली कड़ी और त्वरित सजा से सुनिश्चित होगी। समाज को यह संदेश जाना चाहिए कि मासूम बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए इस देश में कोई जगह नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय कक्षा 8 की छात्रा के साथ हुए कथित अपहरण, मानव तस्करी और यौन शोषण के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार, 18 जून को बच्ची श्रीविजयनगर से श्रीगंगानगर पहुंची थी, जहां एक ई-रिक्शा चालक उसे घर छोड़ने के बजाय एक होटल ले गया। इसके बाद उसे अलग-अलग होटलों में ले जाकर कई दिनों तक यौन शोषण किए जाने का आरोप है। परिजनों की शिकायत के बाद 22 जून को पुलिस ने बच्ची को एक होटल से बरामद किया। जांच के दौरान चार होटलों के नाम सामने आए हैं, उनके सीसीटीवी और रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए हैं। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें होटल मालिक, मैनेजर, ई-रिक्शा चालक और अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
